Monday, 15 July 2013

1200 मील लम्बी सायकिल यात्रा


1200 मील लम्बी सायकिल यात्रा

मानव प्रेम, अहिन्सा जागरण हेतु वर्ष 1970 में बाबा जयगुरूदेव जी महाराज ने 1200 मील लम्बी सायकिल यात्रा निकाली जिसमें हजारों सायकिल यात्रियों ने गोल,लम्बी टोपी पहनकर,सायकिल पर जयगूरूदेव का झण्डा लगाकर भाग लिया था। जगह-जगह पड़ाव डालते हुऐ यात्री दिल्ली के रामलीला मैदान में रूके। दो-तीन दिन तक बाबाजी ने अपना सन्देश सुनाया और कहा कि बीस करोड़ नर-नरियों को जगा लेने दें। केवल आप अपनी सदभावना हम लोगों के साथ रखें। आगे रक्त रंजित नरसंहारकारी समय का संकेत हमे स्वपन में देखने को मिल रहा है। मुसलमान आपस में लड़ मरेंगे और बचे-खुचे लोगों की सहायता भारतवर्ष करेगा। मुसलमानी राष्ट्रों में भारी कलह व उपद्रव होगा। थोड़े ही समय में सारे मुसलिम राष्ट्र लड़ जाऐंगे और भारी नरसंहार होगा। ज्यादा वर्षा के कारण या कम वर्षा के कारण भूकम्प, बीमारी आदी कुदरत के प्रकोपों से जन जीवन त्रसित हो जाएगा। तमाम राष्ट्रों में तरह-तरह के विवाद खड़े हो जाऐंगे। इस महान नरसंहारकारी विभत्स परिस्थितियों से बचने के लिए आप निरामिष-शाकाारी हो जाऐं और साथ ही अपने को अनैतिक कार्यों से बचाएं और अपनी जीवात्मा को जगाकर परमात्मा तक पहुचाएं ताकि जन्म-मरण का चक्कर समाप्त हो जाऐ।आगे होने वाले 20 करोड़ नर-नारियों के जनजागरण की कतार में अपने को भी जोड़ लें। फिर आगे चलकर क्या होगा? दिल्ली से राजधानी हटेगी, राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री व अन्य मन्त्री मान्स मछली अण्डे शराब आदि नशीली वस्तुओं से मुकत होंगे। गाय काटना बन्द हो कर दिया जाऐगा, राष्ट्रभाषा हिन्दी और संस्कृत हो जाऐगी, परिवार नियोजन बन्दकर दिया जाऐगा, नंगे सिनेमा बन्द हो जाऐंगे, कोई भी अधिकारी रिश्वत नहीं लेने पाऐगा, उसको सब प्रकार की सुख-सुविधा प्रदान की जाऐगी, किसानों का पहले आधा कर्ज माफ कर दिया जाऐगा,। बहुत कुछ होगा। मेरी कोई बात भी कटने वाली नहीं है। वक्त का इन्तजार तो करना ही पड़ेगा। राम ने वक्त का इन्तजार किया, कृष्ण ने भी किया और मैं भी वक्त का इन्तजार कर रहा हॅंू। परिवर्तन होगा और भारी परिवर्तन होगा यह बात मानव बुद्धि के परे है। 1970

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